वृषभ राशि · स्वामी शुक्र

वृषभ राशिफल 2026

वर्ष 2026 का राशिफल

सबसे अच्छे महीनेजनवरी, मार्च, अप्रैल
प्रेम के लिएजनवरी, मार्च, अप्रैल
करियर के लिएमार्च, अप्रैल, अक्टूबर
धन के लिएजनवरी, मार्च, अप्रैल

2026 में गुरु: विकास और अवसर

1 जनवरी – 2 जून: गुरु मिथुन राशि में, आपके दूसरे भाव में। चंद्र राशि से दूसरे भाव में गुरु होने पर परंपरा धन, पारिवारिक सामंजस्य और आत्मविश्वास भरी, प्रभावशाली वाणी को बल मिलता देखती है। संसाधन बढ़ाने और घर के रिश्ते मज़बूत करने के लिए यह अनुकूल समय है।

2 जून – 31 अक्टूबर: गुरु कर्क राशि में, आपके तीसरे भाव में। चंद्र राशि से तीसरे भाव में गुरु परंपरा में आसान परिणाम की बजाय प्रयास माँगते हैं, इसलिए लगन का फल मिलता है। इस समय का उपयोग कौशल निखारने, धैर्य से संवाद करने और छोटे, साहसी कदम उठाने में करें।

31 अक्टूबर – 1 जनवरी: गुरु सिंह राशि में, आपके चौथे भाव में। चंद्र राशि से चौथे भाव में गोचर करते हुए गुरु घर, सुख और भावनात्मक नींव की ओर ध्यान ले जाते हैं, कभी-कभी आपके समय पर अतिरिक्त माँगों के साथ। अपने निजी जीवन की देखभाल और प्रतिबद्धताओं को संभालने योग्य रखना लाभ दिलाता है।

2026 में शनि: ज़िम्मेदारी और सीख

शनि मीन राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में। चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव में शनि उनकी सबसे शुभ स्थितियों में से एक है, जो परंपरा में लाभ, भरोसेमंद मित्रता और लक्ष्यों की क्रमिक पूर्ति में सहायक है। लंबे समय से किए जा रहे प्रयास आख़िरकार फल देने लग सकते हैं।

इस समय शनि आपकी चंद्र राशि से साढ़ेसाती नहीं बना रहे हैं। इस वर्ष उनका प्रभाव इस बात से समझा जाता है कि वे आपकी चंद्र राशि से किस भाव में हैं।

2026 में राहु और केतु

1 जनवरी – 5 दिसंबर: राहु–केतु कुंभ / सिंह राशि में, आपके दसवें / चौथे भाव में। दसवें भाव में राहु और चौथे में केतु करियर की महत्वाकांक्षा और सार्वजनिक पहचान को बढ़ा सकते हैं, इसलिए घरेलू जीवन को भी पोषित रखने के लिए समय निकालें।

5 दिसंबर – 1 जनवरी: राहु–केतु मकर / कर्क राशि में, आपके नौवें / तीसरे भाव में। नौवें भाव में राहु और तीसरे में केतु यात्रा, विदेशी विचारों या अलग ढंग के गुरुओं में रुचि जगा सकते हैं, जबकि आपके अपने प्रयास शांत स्वर ले लेते हैं।

महीने-दर-महीने

महीनाकुल मिलाकरप्रेमकरियरधन
जनवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
फ़रवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मार्च★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अप्रैल★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जून★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जुलाई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अगस्त★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
सितंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अक्टूबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
नवंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
दिसंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★

2026 के ग्रहण और प्रमुख गोचर

17 फ़रवरीवलयाकार सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके दसवें भाव में पड़ रहा है, जो करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
3 मार्चपूर्ण चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके चौथे भाव में पड़ रहा है, जो घर, माता और मन की शांति में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
11 मार्चगुरु मार्गी
मिथुन राशि में, आपके दूसरे भाव में: गुरु मार्गी हो रहे हैं, और विकास के अवसर तथा अच्छा मार्गदर्शन फिर से खुलने लगते हैं।
2 जूनगुरु का कर्क राशि में प्रवेश
गुरु आपके तीसरे भाव में प्रवेश करते हैं और साहस, भाई-बहन और कौशल में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
27 जुलाईशनि वक्री
मीन राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में: शनि वक्री हो रहे हैं, जो परंपरा में ज़िम्मेदारियों पर फिर से ध्यान देने और धैर्य से नींव मज़बूत करने का समय है।
12 अगस्तपूर्ण सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके तीसरे भाव में पड़ रहा है, जो साहस, भाई-बहन और कौशल को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
28 अगस्तआंशिक चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके दसवें भाव में पड़ रहा है, जो करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
31 अक्टूबरगुरु का सिंह राशि में प्रवेश
गुरु आपके चौथे भाव में प्रवेश करते हैं और घर, माता और मन की शांति में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
5 दिसंबरराहु का मकर राशि में प्रवेश
राहु आपके नौवें भाव में प्रवेश करते हैं और भाग्य, गुरुजन और उच्च शिक्षा को लेकर नई महत्वाकांक्षाएँ व जिज्ञासा जगाते हैं।
11 दिसंबरशनि मार्गी
मीन राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में: शनि मार्गी हो रहे हैं, और दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं पर स्थिर प्रगति फिर से आसान हो जाती है।
13 दिसंबरगुरु वक्री
सिंह राशि में, आपके चौथे भाव में: गुरु वक्री हो रहे हैं, जो आंतरिक विकास, अध्ययन और अपनी मान्यताओं व दीर्घकालिक योजनाओं पर नए सिरे से दृष्टि डालने को प्रेरित करते हैं।

चंद्र राशि के रूप में वृषभ

वृषभ राशि में चंद्रमा परंपरा में बलवान माना जाता है, जो आपको शांत, वफ़ादार और स्थिर भावनात्मक स्वभाव देता है। सुख-सुविधा, सौंदर्य और भरोसेमंद दिनचर्या आपको सुरक्षित महसूस कराती हैं, और आपका धैर्य आपकी शांत विशेषताओं में से एक है।

यह राशिफल कैसे बनता है

यह चंद्र राशि पर आधारित राशिफल है, जैसा भारत में प्रचलित है — पश्चिमी सूर्य राशि वाला नहीं। ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश, निरयन राशिचक्र) को आपकी चंद्र राशि से भावों में गिनकर, गोचर के शास्त्रीय नियमों से इसकी गणना की जाती है। दिन का स्वर चंद्रमा का भाव तय करता है; सप्ताह और महीने पर सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल का असर होता है; और वर्ष को गुरु, शनि तथा राहु–केतु आकार देते हैं। समय भारतीय समयानुसार और पंचांग नई दिल्ली का है।

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