तुला राशि · स्वामी शुक्र

तुला राशिफल 2026

वर्ष 2026 का राशिफल

सबसे अच्छे महीनेफ़रवरी, मार्च, मई
प्रेम के लिएफ़रवरी, मई, दिसंबर
करियर के लिएमार्च, अप्रैल, दिसंबर
धन के लिएफ़रवरी, मई, दिसंबर

2026 में गुरु: विकास और अवसर

1 जनवरी – 2 जून: गुरु मिथुन राशि में, आपके नौवें भाव में। चंद्र राशि से नौवें भाव में गुरु शास्त्रीय रूप से आशीर्वाद भरा गोचर है, जो सौभाग्य, ज्ञानी मार्गदर्शकों, यात्रा और उच्च शिक्षा से जुड़ा है। अपने मार्ग में आस्था और दूसरों के प्रति उदारता का परंपरा में अच्छा फल मिलता है।

2 जून – 31 अक्टूबर: गुरु कर्क राशि में, आपके दसवें भाव में। चंद्र राशि से दसवें भाव में गुरु होने से करियर के मामले व्यस्त होते हैं और नई ज़िम्मेदारियाँ आ सकती हैं। लक्ष्य यथार्थवादी और काम स्थिर रखने से यह सक्रियता स्थायी प्रगति में बदलती है।

31 अक्टूबर – 1 जनवरी: गुरु सिंह राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में। चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव में गुरु परंपरा के सबसे शुभ गोचरों में से एक है, जो लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति में सहायक है। संपर्क बढ़ाना और टीमवर्क विशेष रूप से फलदायी हो सकते हैं।

2026 में शनि: ज़िम्मेदारी और सीख

शनि मीन राशि में, आपके छठे भाव में। चंद्र राशि से छठे भाव में शनि परंपरा में शुभ हैं, जो बाधाओं पर विजय, स्वास्थ्य की आदतें सुधारने और प्रतिस्पर्धा को संयम से सँभालने में मदद करते हैं। अनुशासित दिनचर्या उल्लेखनीय सुधार ला सकती है।

इस समय शनि आपकी चंद्र राशि से साढ़ेसाती नहीं बना रहे हैं। इस वर्ष उनका प्रभाव इस बात से समझा जाता है कि वे आपकी चंद्र राशि से किस भाव में हैं।

2026 में राहु और केतु

1 जनवरी – 5 दिसंबर: राहु–केतु कुंभ / सिंह राशि में, आपके पाँचवें / ग्यारहवें भाव में। पाँचवें भाव में राहु और ग्यारहवें में केतु असामान्य रचनात्मक विचार और नई रुचियाँ ला सकते हैं, साथ ही मित्रता और लक्ष्यों के प्रति अधिक चयनशील दृष्टि भी।

5 दिसंबर – 1 जनवरी: राहु–केतु मकर / कर्क राशि में, आपके चौथे / दसवें भाव में। चौथे भाव में राहु और दसवें में केतु घरेलू जीवन को लेकर बेचैनी जगा सकते हैं, साथ ही यह सोचने को प्रेरित करते हैं कि करियर में सफलता का सच्चा अर्थ क्या है।

महीने-दर-महीने

महीनाकुल मिलाकरप्रेमकरियरधन
जनवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
फ़रवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मार्च★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अप्रैल★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जून★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जुलाई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अगस्त★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
सितंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अक्टूबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
नवंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
दिसंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★

2026 के ग्रहण और प्रमुख गोचर

17 फ़रवरीवलयाकार सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके पाँचवें भाव में पड़ रहा है, जो रचनात्मकता, संतान और विद्या को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
3 मार्चपूर्ण चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके ग्यारहवें भाव में पड़ रहा है, जो लाभ, मित्र और पुरानी आशाओं में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
11 मार्चगुरु मार्गी
मिथुन राशि में, आपके नौवें भाव में: गुरु मार्गी हो रहे हैं, और विकास के अवसर तथा अच्छा मार्गदर्शन फिर से खुलने लगते हैं।
2 जूनगुरु का कर्क राशि में प्रवेश
गुरु आपके दसवें भाव में प्रवेश करते हैं और करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
27 जुलाईशनि वक्री
मीन राशि में, आपके छठे भाव में: शनि वक्री हो रहे हैं, जो परंपरा में ज़िम्मेदारियों पर फिर से ध्यान देने और धैर्य से नींव मज़बूत करने का समय है।
12 अगस्तपूर्ण सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके दसवें भाव में पड़ रहा है, जो करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
28 अगस्तआंशिक चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके पाँचवें भाव में पड़ रहा है, जो रचनात्मकता, संतान और विद्या में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
31 अक्टूबरगुरु का सिंह राशि में प्रवेश
गुरु आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करते हैं और लाभ, मित्र और पुरानी आशाओं में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
5 दिसंबरराहु का मकर राशि में प्रवेश
राहु आपके चौथे भाव में प्रवेश करते हैं और घर, माता और मन की शांति को लेकर नई महत्वाकांक्षाएँ व जिज्ञासा जगाते हैं।
11 दिसंबरशनि मार्गी
मीन राशि में, आपके छठे भाव में: शनि मार्गी हो रहे हैं, और दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं पर स्थिर प्रगति फिर से आसान हो जाती है।
13 दिसंबरगुरु वक्री
सिंह राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में: गुरु वक्री हो रहे हैं, जो आंतरिक विकास, अध्ययन और अपनी मान्यताओं व दीर्घकालिक योजनाओं पर नए सिरे से दृष्टि डालने को प्रेरित करते हैं।

चंद्र राशि के रूप में तुला

तुला राशि में चंद्रमा होने से आप अपने रिश्तों में सामंजस्य, न्याय और सौम्य जुड़ाव चाहते हैं। सुंदर परिवेश और संतुलित साथ आपको सहज महसूस कराते हैं, और अक्सर आप ही स्वाभाविक रूप से मेल-मिलाप कराने वाले होते हैं।

यह राशिफल कैसे बनता है

यह चंद्र राशि पर आधारित राशिफल है, जैसा भारत में प्रचलित है — पश्चिमी सूर्य राशि वाला नहीं। ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश, निरयन राशिचक्र) को आपकी चंद्र राशि से भावों में गिनकर, गोचर के शास्त्रीय नियमों से इसकी गणना की जाती है। दिन का स्वर चंद्रमा का भाव तय करता है; सप्ताह और महीने पर सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल का असर होता है; और वर्ष को गुरु, शनि तथा राहु–केतु आकार देते हैं। समय भारतीय समयानुसार और पंचांग नई दिल्ली का है।

अपनी राशि नहीं पता? Rashi calculator से जानें।

अन्य राशियाँ