मिथुन राशि · स्वामी बुध

मिथुन राशिफल 2026

वर्ष 2026 का राशिफल

सबसे अच्छे महीनेजून, जुलाई, सितंबर
प्रेम के लिएजून, जुलाई, सितंबर
करियर के लिएअप्रैल, मई, दिसंबर
धन के लिएजून, जुलाई, सितंबर

2026 में गुरु: विकास और अवसर

1 जनवरी – 2 जून: गुरु मिथुन राशि में, आपके पहले भाव में। आपकी चंद्र राशि पर गुरु का गोचर व्यक्तिगत पुनर्विचार का समय हो सकता है, जब आप फिर से सोचते हैं कि आपके लिए विकास का सही अर्थ क्या है। शास्त्रीय रूप से यह मिश्रित स्थिति है, जो संतुलित गति, समझदारी भरी दिनचर्या और उदार दृष्टिकोण का फल देती है।

2 जून – 31 अक्टूबर: गुरु कर्क राशि में, आपके दूसरे भाव में। चंद्र राशि से दूसरे भाव में गुरु होने पर परंपरा धन, पारिवारिक सामंजस्य और आत्मविश्वास भरी, प्रभावशाली वाणी को बल मिलता देखती है। संसाधन बढ़ाने और घर के रिश्ते मज़बूत करने के लिए यह अनुकूल समय है।

31 अक्टूबर – 1 जनवरी: गुरु सिंह राशि में, आपके तीसरे भाव में। चंद्र राशि से तीसरे भाव में गुरु परंपरा में आसान परिणाम की बजाय प्रयास माँगते हैं, इसलिए लगन का फल मिलता है। इस समय का उपयोग कौशल निखारने, धैर्य से संवाद करने और छोटे, साहसी कदम उठाने में करें।

2026 में शनि: ज़िम्मेदारी और सीख

शनि मीन राशि में, आपके दसवें भाव में। चंद्र राशि से दसवें भाव में शनि करियर और कर्तव्य को आगे लाते हैं, अक्सर बढ़े हुए काम के साथ जो अंततः अर्जित प्रतिष्ठा दिलाता है। यहाँ निरंतरता और ईमानदारी का परंपरा में अच्छा फल मिलता है।

इस समय शनि आपकी चंद्र राशि से साढ़ेसाती नहीं बना रहे हैं। इस वर्ष उनका प्रभाव इस बात से समझा जाता है कि वे आपकी चंद्र राशि से किस भाव में हैं।

2026 में राहु और केतु

1 जनवरी – 5 दिसंबर: राहु–केतु कुंभ / सिंह राशि में, आपके नौवें / तीसरे भाव में। नौवें भाव में राहु और तीसरे में केतु यात्रा, विदेशी विचारों या अलग ढंग के गुरुओं में रुचि जगा सकते हैं, जबकि आपके अपने प्रयास शांत स्वर ले लेते हैं।

5 दिसंबर – 1 जनवरी: राहु–केतु मकर / कर्क राशि में, आपके आठवें / दूसरे भाव में। आठवें भाव में राहु और दूसरे में केतु शोध और गूढ़ विषयों में रुचि जगा सकते हैं, साथ ही संपत्ति के प्रति अधिक सरल दृष्टिकोण भी।

महीने-दर-महीने

महीनाकुल मिलाकरप्रेमकरियरधन
जनवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
फ़रवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मार्च★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अप्रैल★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जून★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जुलाई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अगस्त★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
सितंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अक्टूबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
नवंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
दिसंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★

2026 के ग्रहण और प्रमुख गोचर

17 फ़रवरीवलयाकार सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके नौवें भाव में पड़ रहा है, जो भाग्य, गुरुजन और उच्च शिक्षा को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
3 मार्चपूर्ण चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके तीसरे भाव में पड़ रहा है, जो साहस, भाई-बहन और कौशल में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
11 मार्चगुरु मार्गी
मिथुन राशि में, आपके पहले भाव में: गुरु मार्गी हो रहे हैं, और विकास के अवसर तथा अच्छा मार्गदर्शन फिर से खुलने लगते हैं।
2 जूनगुरु का कर्क राशि में प्रवेश
गुरु आपके दूसरे भाव में प्रवेश करते हैं और धन, परिवार और वाणी में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
27 जुलाईशनि वक्री
मीन राशि में, आपके दसवें भाव में: शनि वक्री हो रहे हैं, जो परंपरा में ज़िम्मेदारियों पर फिर से ध्यान देने और धैर्य से नींव मज़बूत करने का समय है।
12 अगस्तपूर्ण सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके दूसरे भाव में पड़ रहा है, जो धन, परिवार और वाणी को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
28 अगस्तआंशिक चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके नौवें भाव में पड़ रहा है, जो भाग्य, गुरुजन और उच्च शिक्षा में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
31 अक्टूबरगुरु का सिंह राशि में प्रवेश
गुरु आपके तीसरे भाव में प्रवेश करते हैं और साहस, भाई-बहन और कौशल में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
5 दिसंबरराहु का मकर राशि में प्रवेश
राहु आपके आठवें भाव में प्रवेश करते हैं और परिवर्तन, साझा संसाधन और शोध को लेकर नई महत्वाकांक्षाएँ व जिज्ञासा जगाते हैं।
11 दिसंबरशनि मार्गी
मीन राशि में, आपके दसवें भाव में: शनि मार्गी हो रहे हैं, और दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं पर स्थिर प्रगति फिर से आसान हो जाती है।
13 दिसंबरगुरु वक्री
सिंह राशि में, आपके तीसरे भाव में: गुरु वक्री हो रहे हैं, जो आंतरिक विकास, अध्ययन और अपनी मान्यताओं व दीर्घकालिक योजनाओं पर नए सिरे से दृष्टि डालने को प्रेरित करते हैं।

चंद्र राशि के रूप में मिथुन

मिथुन राशि में चंद्रमा होने से आप अपनी भावनाओं को बातचीत, विचारों और जीवंत जिज्ञासा के माध्यम से समझते हैं। विविधता और अच्छी संगत आपको संतुष्ट रखती है, और बातें करके चीज़ों को सुलझाना आपको संतुलन देता है।

यह राशिफल कैसे बनता है

यह चंद्र राशि पर आधारित राशिफल है, जैसा भारत में प्रचलित है — पश्चिमी सूर्य राशि वाला नहीं। ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश, निरयन राशिचक्र) को आपकी चंद्र राशि से भावों में गिनकर, गोचर के शास्त्रीय नियमों से इसकी गणना की जाती है। दिन का स्वर चंद्रमा का भाव तय करता है; सप्ताह और महीने पर सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल का असर होता है; और वर्ष को गुरु, शनि तथा राहु–केतु आकार देते हैं। समय भारतीय समयानुसार और पंचांग नई दिल्ली का है।

अपनी राशि नहीं पता? Rashi calculator से जानें।

अन्य राशियाँ