भगवद्गीता · अध्याय 7, श्लोक 23 · श्रीकृष्ण
भगवद्गीता 7.23 · अन्तवत्तु फलं तेषां
अन्तवत्तु फलं तेषां तद्भवत्यल्पमेधसाम् ।
देवान्देवयजो यान्ति मद्भक्ता यान्ति मामपि ॥
antavattu phalaṃ teṣāṃ tadbhavatyalpamedhasām |
devāndevayajo yānti madbhaktā yānti māmapi ||
हिन्दी अनुवाद
किन्तु अल्प समझ वाले इन लोगों को मिलने वाला फल नश्वर होता है। देवताओं के उपासक देवताओं को पाते हैं, और मेरे भक्त मुझे पाते हैं।
प्रसंग
यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अध्याय 7, ज्ञानविज्ञानयोग (ज्ञान-विज्ञान योग) में कहा है। इस अध्याय में 30 श्लोक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवद्गीता 7.23 का अर्थ क्या है?
किन्तु अल्प समझ वाले इन लोगों को मिलने वाला फल नश्वर होता है। देवताओं के उपासक देवताओं को पाते हैं, और मेरे भक्त मुझे पाते हैं।
भगवद्गीता 7.23 किसने कहा है?
यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अर्जुन से अध्याय 7, ज्ञानविज्ञानयोग (ज्ञान-विज्ञान योग) में कहा है।
संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।