भगवद्गीता · अध्याय 7, श्लोक 10 · श्रीकृष्ण

भगवद्गीता 7.10 · बीजं मां सर्वभूतानां

बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि पार्थ सनातनम् ।
बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ॥

bījaṃ māṃ sarvabhūtānāṃ viddhi pārtha sanātanam |
buddhirbuddhimatāmasmi tejastejasvināmaham ||

हिन्दी अनुवाद

हे पार्थ, मुझे सब प्राणियों का सनातन बीज जानो। बुद्धिमानों की बुद्धि और तेजस्वियों का तेज मैं हूँ।

प्रसंग

यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अध्याय 7, ज्ञानविज्ञानयोग (ज्ञान-विज्ञान योग) में कहा है। इस अध्याय में 30 श्लोक हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवद्गीता 7.10 का अर्थ क्या है?

हे पार्थ, मुझे सब प्राणियों का सनातन बीज जानो। बुद्धिमानों की बुद्धि और तेजस्वियों का तेज मैं हूँ।

भगवद्गीता 7.10 किसने कहा है?

यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अर्जुन से अध्याय 7, ज्ञानविज्ञानयोग (ज्ञान-विज्ञान योग) में कहा है।

संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।