भगवद्गीता · अध्याय 2, श्लोक 35 · श्रीकृष्ण
भगवद्गीता 2.35 · भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते
भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते त्वां महारथाः ।
येषां च त्वं बहुमतो भूत्वा यास्यसि लाघवम् ॥
bhayādraṇāduparataṃ maṃsyante tvāṃ mahārathāḥ |
yeṣāṃ ca tvaṃ bahumato bhūtvā yāsyasi lāghavam ||
हिन्दी अनुवाद
महारथी समझेंगे कि तुम डर के मारे युद्ध से हट गए। जिनकी दृष्टि में तुम बहुत ऊँचे थे, उन्हीं की नज़रों में तुम छोटे हो जाओगे।
प्रसंग
यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अध्याय 2, साङ्ख्ययोग (सांख्य योग — ज्ञान का योग) में कहा है। इस अध्याय में 72 श्लोक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवद्गीता 2.35 का अर्थ क्या है?
महारथी समझेंगे कि तुम डर के मारे युद्ध से हट गए। जिनकी दृष्टि में तुम बहुत ऊँचे थे, उन्हीं की नज़रों में तुम छोटे हो जाओगे।
भगवद्गीता 2.35 किसने कहा है?
यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अर्जुन से अध्याय 2, साङ्ख्ययोग (सांख्य योग — ज्ञान का योग) में कहा है।
संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।