त्योहार
शरद पूर्णिमा
आश्विन की पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, के बारे में कहा जाता है कि यही वह एक रात है जब चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से चमकता है।
शरद पूर्णिमा की तिथि
| 2026 | |
|---|---|
| 2027 |
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अन्य नाम: कोजागरी पूर्णिमा, कुमार पूर्णिमा।
कथा और महत्व
बंगाल की परंपरा कहती है कि इस रात लक्ष्मी “को जागर्ति?” — कौन जाग रहा है? — पूछती हुई घूमती हैं और जागने वालों को आशीर्वाद देती हैं। ब्रज की परंपरा इस रात को श्रीकृष्ण के महारास से जोड़ती है।
शरद पूर्णिमा कैसे मनाया जाता है
- खीर को रात भर चाँदनी में रखना और अगली सुबह प्रसाद के रूप में खाना
- बंगाल, ओडिशा और असम में लक्ष्मी पूजा और रात्रि जागरण (कोजागरी)
- ओडिशा में कुमार पूर्णिमा, जब युवतियाँ अच्छे वर की कामना से प्रार्थना करती हैं
इस दिन पढ़ें: लक्ष्मी आरती — ओम जय लक्ष्मी माता
परंपराएँ क्षेत्र, समुदाय और परिवार के अनुसार अलग-अलग होती हैं। पूजा और समय के लिए अपने कुल-पुरोहित या स्थानीय मंदिर का मार्गदर्शन लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शरद पूर्णिमा 2026 कब है?
शरद पूर्णिमा 2026 में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को है (नई दिल्ली के अनुसार)।
शरद पूर्णिमा 2027 कब है?
शरद पूर्णिमा 2027 में शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027 को है (नई दिल्ली के अनुसार)।
शरद पूर्णिमा की तारीख हर साल क्यों बदलती है?
शरद पूर्णिमा चंद्र पंचांग से तय होता है (आश्विन शुक्ल पूर्णिमा), अंग्रेज़ी कैलेंडर से नहीं। चंद्र मास सौर वर्ष से छोटे होते हैं, इसलिए इसकी तारीख हर साल कुछ दिन या हफ़्ते आगे-पीछे हो जाती है।
क्या भारत और विदेश में शरद पूर्णिमा की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। त्योहार उस तिथि से तय होता है जो आपके स्थान पर सूर्योदय, मध्याह्न या रात्रि के किसी विशेष समय पर रहती है, इसलिए अमेरिका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया में तारीख भारत से एक दिन अलग हो सकती है।