भगवद्गीता · अध्याय 1, श्लोक 9 · संजय
भगवद्गीता 1.9 · अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे
अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे त्यक्तजीविताः ।
नानाशस्त्रप्रहरणाः सर्वे युद्धविशारदाः ॥
anye ca bahavaḥ śūrā madarthe tyaktajīvitāḥ |
nānāśastrapraharaṇāḥ sarve yuddhaviśāradāḥ ||
हिन्दी अनुवाद
और भी अनेक शूरवीर हैं जो मेरे लिए प्राण देने को तैयार हैं। सब तरह-तरह के शस्त्रों से सज्जित हैं और युद्ध-कला में निपुण हैं।
प्रसंग
यह श्लोक संजय ने अध्याय 1, अर्जुनविषादयोग (अर्जुन का विषाद) में कहा है। इस अध्याय में 47 श्लोक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवद्गीता 1.9 का अर्थ क्या है?
और भी अनेक शूरवीर हैं जो मेरे लिए प्राण देने को तैयार हैं। सब तरह-तरह के शस्त्रों से सज्जित हैं और युद्ध-कला में निपुण हैं।
भगवद्गीता 1.9 किसने कहा है?
यह श्लोक संजय ने अध्याय 1, अर्जुनविषादयोग (अर्जुन का विषाद) में कहा है।
संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।