भगवद्गीता · अध्याय 1, श्लोक 25 · संजय
भगवद्गीता 1.25 · भीष्मद्रोणप्रमुखतः च
भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम् ।
उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ॥
bhīṣmadroṇapramukhataḥ sarveṣāṃ ca mahīkṣitām |
uvāca pārtha paśyaitānsamavetānkurūniti ||
हिन्दी अनुवाद
— भीष्म, द्रोण और सभी राजाओं के ठीक सामने; और कहा: हे पार्थ, यहाँ इकट्ठे हुए इन कौरवों को देखो।
प्रसंग
यह श्लोक संजय ने अध्याय 1, अर्जुनविषादयोग (अर्जुन का विषाद) में कहा है। इस अध्याय में 47 श्लोक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवद्गीता 1.25 का अर्थ क्या है?
— भीष्म, द्रोण और सभी राजाओं के ठीक सामने; और कहा: हे पार्थ, यहाँ इकट्ठे हुए इन कौरवों को देखो।
भगवद्गीता 1.25 किसने कहा है?
यह श्लोक संजय ने अध्याय 1, अर्जुनविषादयोग (अर्जुन का विषाद) में कहा है।
संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।